अगर आपको अपनी जमीन का खतौनी नंबर नहीं पता, तो यहाँ पूरा तरीका जानें – बिना खसरा नंबर के, सिर्फ नाम से।
आपके पास जमीन तो है, लेकिन उसका खतौनी नंबर (Khatauni Number) या खाता नंबर याद नहीं है? शायद आपके पास कोई पुराना कागज़ नहीं है, और न ही खसरा नंबर मालूम है। तो क्या होगा? क्या आप अपनी जमीन का रिकॉर्ड नहीं देख सकते?
बिल्कुल देख सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार का UP Bhulekh पोर्टल आपको बिना किसी नंबर के, सिर्फ अपने नाम से खतौनी नंबर (खाता नंबर) निकालने और पूरी खतौनी देखने की सुविधा देता है। यह उन लोगों के लिए बहुत काम का है जिनके पास न तो खसरा है और न ही पुराना खतौनी नंबर।

इस लेख में हम 2026 के नवीनतम तरीके से सीखेंगे:
- ✅ खतौनी नंबर क्या होता है और यह क्यों जरूरी है
- ✅ नाम से खतौनी नंबर कैसे निकालें (step‑by‑step)
- ✅ खसरा नंबर से खतौनी कैसे पता करें (reverse method)
- ✅ मोबाइल से पूरी प्रक्रिया
- ✅ खतौनी डाउनलोड और प्रिंट कैसे करें
- ✅ आम समस्याएं और उनके समाधान
- ✅ खतौनी vs खसरा vs जमाबंदी (स्पष्ट फर्क)
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना: यह वेबसाइट (bhulekhguide.in) एक सूचनात्मक मंच है। यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। आधिकारिक पोर्टल है – upbhulekh.gov.in। हम सिर्फ आपको गाइड करते हैं।
📌 इस लेख में क्या-क्या जानेंगे?
| क्रमांक | विषय |
|---|---|
| 1 | खतौनी नंबर क्या होता है? (आसान भाषा में) |
| 2 | खतौनी नंबर क्यों जरूरी है? |
| 3 | खतौनी नंबर कैसे पता करें – नाम से (Step-by-Step) |
| 4 | खसरा नंबर से खतौनी कैसे पता करें (Reverse Method) |
| 5 | मोबाइल से खतौनी नंबर कैसे देखें |
| 6 | खतौनी डाउनलोड / प्रिंट कैसे करें |
| 7 | आम समस्याएं और समाधान |
| 8 | खतौनी vs खसरा vs जमाबंदी (Comparison Table) |
| 9 | जरूरी सावधानियां |
| 10 | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) |
| 11 | निष्कर्ष (Conclusion) |
1. खतौनी नंबर क्या होता है? (Khatauni Number Kya Hai)
खतौनी उत्तर प्रदेश में जमीन के मालिकाना हक के रिकॉर्ड को कहते हैं। इसे Record of Rights (RoR) या ‘खाता’ भी कहते हैं। हर खतौनी का एक यूनिक नंबर होता है, जिसे खतौनी नंबर या खाता नंबर (Khata Number) कहते हैं।
सीधे शब्दों में: खतौनी नंबर वह अकाउंट नंबर है जिसके अंदर एक मालिक (या संयुक्त मालिक) की सभी जमीनों (खसरा नंबरों) की जानकारी दर्ज होती है।
📌 उदाहरण:
मान लीजिए राम सिंह के पास तीन अलग-अलग प्लॉट हैं:
- खसरा नंबर 45
- खसरा नंबर 78
- खसरा नंबर 112
सरकारी रिकॉर्ड में इन तीनों प्लॉट्स को एक ही खतौनी नंबर 101 के अंदर रखा गया है। जब आप खतौनी नंबर 101 डालकर सर्च करेंगे, तो आपको एक साथ तीनों खसरा नंबर और मालिक राम सिंह की पूरी जानकारी मिलेगी।
🆚 एक व्यक्ति के कई खतौनी नंबर हो सकते हैं?
हाँ, अगर किसी व्यक्ति की जमीन अलग-अलग गाँवों या तहसीलों में है, तो उसके अलग-अलग खतौनी नंबर होंगे (हर गाँव के लिए अलग)।
2. खतौनी नंबर क्यों जरूरी है?
खतौनी नंबर (खाता नंबर) जमीन से जुड़े कई कामों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है:
| काम | क्यों जरूरी? |
|---|---|
| जमीन की पहचान | एक बार खतौनी नंबर मिलने पर आप उससे जुड़ी सभी जमीनों (सभी खसरा नंबर) को देख सकते हैं। |
| रिकॉर्ड देखना | UP Bhulekh में खतौनी नंबर डालकर तुरंत पूरी खतौनी डाउनलोड कर सकते हैं। |
| जमीन खरीद/बेच | रजिस्ट्री के समय खतौनी नंबर से पता चलता है कि जमीन किसके नाम है और उस पर कोई बंधक (लोन) तो नहीं। |
| बैंक लोन | किसान क्रेडिट कार्ड या भूमि ऋण के लिए बैंक खतौनी का प्रमाणित कॉपी मांगता है – उसके लिए खतौनी नंबर जरूरी होता है। |
| सीमा विवाद | खतौनी नंबर से भू-नक्शा देखकर सीमा स्पष्ट कर सकते हैं। |
| म्यूटेशन (दाखिल खारिज) | जब जमीन बिकती है या विरासत में मिलती है, तो म्यूटेशन के लिए खतौनी नंबर की आवश्यकता होती है। |
सीधी बात: अगर आपको अपना खतौनी नंबर पता है, तो आपकी सारी जमीन की जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध है। अगर नहीं पता, तो यह लेख आपको पता करना सिखाएगा।
3. खतौनी नंबर कैसे पता करें? (Step‑by‑Step)
सबसे आसान तरीका है – अपने नाम से खोजना। आपको न तो खसरा नंबर चाहिए, न ही पुरानी खतौनी। बस अपना नाम और गाँव की जानकारी।
नीचे पूरी प्रक्रिया दी गई है। इसे ध्यान से फॉलो करें।
🔹 Step 1: UP Bhulekh आधिकारिक वेबसाइट खोलें
- अपने कंप्यूटर या मोबाइल के ब्राउज़र में टाइप करें:
upbhulekh.gov.in - होमपेज पर “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” लिंक पर क्लिक करें।
⚠️ सावधानी: सुनिश्चित करें कि एड्रेस .gov.in में समाप्त हो। यही एकमात्र आधिकारिक पोर्टल है।
🔹 Step 2: जिला (District) चुनें
- ड्रॉप-डाउन मेनू से अपना जिला सेलेक्ट करें।
- उदाहरण: लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, बरेली, गाजियाबाद, झांसी, आदि।
🔹 Step 3: तहसील (Tehsil) चुनें
- जिला चुनने के बाद अब तहसील का चयन करें।
- सुनिश्चित करें कि आपकी जमीन जिस तहसील में है, वही चुनें। गलत तहसील चुनने पर रिकॉर्ड नहीं मिलेगा।
🔹 Step 4: गाँव (Village) चुनें
- अपने गाँव का नाम सेलेक्ट करें।
- यह बहुत जरूरी है – अगर गाँव गलत चुन लिया तो आपको खतौनी नहीं मिलेगी।
🔹 Step 5: नाम से खोज करें (Search by Name)
- अब स्क्रीन पर तीन सर्च ऑप्शन होंगे:
- खातेदार के नाम से (By Khatedar Name)
- खसरा/गाटा संख्या से (By Khasra/Gata Number)
- खाता संख्या से (By Account Number)
- “खातेदार के नाम से” (By Khatedar Name) विकल्प चुनें।
- अपना पूरा नाम (जैसा सरकारी रिकॉर्ड में है) टाइप करें।
उदाहरण: “राम सिंह” या “राम सिंह पुत्र हरी सिंह”
🔹 Step 6: खतौनी नंबर देखें
- “Search” बटन पर क्लिक करें।
- अगर नाम सही है और आपके नाम पर जमीन है, तो आपके सामने खतौनी का पहला पेज खुल जाएगा।
- इस पेज पर सबसे ऊपर या ऊपरी बाएं कोने में खतौनी नंबर (खाता/खतौनी क्र.) लिखा होगा। वही आपका खतौनी नंबर है।
- साथ ही पूरी खतौनी डिटेल (नाम, पिता का नाम, सभी खसरा नंबर, क्षेत्रफल आदि) भी दिख जाएगी।
💡 टिप: जैसे ही खतौनी खुले, उस खतौनी नंबर को नोट कर लें या पेज का स्क्रीनशॉट ले लें। इसके बाद आप सीधे “खाता संख्या से” सर्च करके भविष्य में तुरंत रिकॉर्ड देख सकते हैं।
4. नाम से खतौनी नंबर निकालने का पूरा प्रोसेस (स्पेलिंग का महत्व)
नाम से सर्च करना बहुत आसान है, लेकिन इसमें एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए – स्पेलिंग (वर्तनी) सटीक होना चाहिए।
✅ सही तरीका:
- सरकारी रिकॉर्ड में नाम जैसा लिखा है, बिल्कुल वैसा ही टाइप करें।
उदाहरण: यदि रिकॉर्ड में “राम सिंह” है, तो “राम सिंह” ही लिखें, “रामसिंह” नहीं। - यदि नाम में “पुत्र”, “पत्नी”, “बिना” आदि शब्द भी हैं, तो उन्हें भी सही से डालें।
- यदि एक बार रिकॉर्ड नहीं मिला, तो थोड़ा छोटा नाम डालकर ट्राई करें (जैसे “मोहन” के बजाय “मोहन सिंह” न डालें, पहले “मोहन” ट्राई करें)।
❌ सामान्य गलतियाँ:
| गलती | परिणाम | समाधान |
|---|---|---|
| नाम में अतिरिक्त स्पेस या बिना स्पेस | रिकॉर्ड नहीं मिलता | रिकॉर्ड में जैसा है वैसा टाइप करें |
| “पुत्र” या “पत्नी” नहीं लिखा | गलत व्यक्ति का रिकॉर्ड आ सकता है | पूरा नाम जैसे रिकॉर्ड में है लिखें |
| गलत गाँव चुन लिया | कोई रिकॉर्ड नहीं | दोबारा सही गाँव चुनें |
प्रो टिप: यदि नाम से रिकॉर्ड नहीं मिल रहा, तो अपने क्षेत्र के लेखपाल (पटवारी) से नाम की सही वर्तनी पूछ लें।
5. खसरा नंबर से खतौनी कैसे पता करें (Reverse Method)
अगर आपको अपनी जमीन का खसरा नंबर याद है, लेकिन खतौनी नंबर नहीं पता, तो यह तरीका आपके लिए है। यह उल्टा (reverse) तरीका है – खसरा से खतौनी तक पहुंचना।
प्रोसेस:
- UP Bhulekh पोर्टल (
upbhulekh.gov.in) पर जाएं। - “खतौनी की नकल देखें” पर क्लिक करें।
- जिला → तहसील → गाँव चुनें।
- सर्च ऑप्शन में “खसरा/गाटा संख्या से” चुनें।
- अपना खसरा नंबर डालें और सर्च करें।
- जो खतौनी खुलेगी, उसके ऊपर खतौनी नंबर साफ दिखेगा।
📌 याद रखें: खसरा नंबर गाँव के अंदर यूनिक होता है। इसलिए सही गाँव चुनना अनिवार्य है।
6. मोबाइल से खतौनी नंबर कैसे देखें?
UP Bhulekh पोर्टल मोबाइल फ्रेंडली है। आप बिना किसी ऐप के मोबाइल ब्राउज़र से भी खतौनी नंबर निकाल सकते हैं।
📱 Android / iPhone Step‑by‑Step:
- Chrome या Safari ब्राउज़र खोलें।
- upbhulekh.gov.in पर जाएं।
- “खतौनी की नकल देखें” पर क्लिक करें।
- जिला → तहसील → गाँव चुनें (ध्यान से)।
- “खातेदार के नाम से” विकल्प चुनें और अपना नाम डालें।
- सर्च करें – खतौनी खुल जाएगी।
- खतौनी नंबर नोट करें, और ज़रूरत हो तो स्क्रीनशॉट ले लें।
💡 टिप: मोबाइल पर रिकॉर्ड देखने के बाद आप ब्राउज़र के प्रिंट ऑप्शन से PDF सेव कर सकते हैं (Ctrl+P नहीं, बल्कि ब्राउज़र के तीन बिंदुओं में Print ऑप्शन)।
7. खतौनी डाउनलोड और प्रिंट कैसे करें?
एक बार जब आपकी खतौनी (चाहे नाम से खोजी हो या खसरा से) खुल जाए, तो आप उसे डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।
📥 PDF / डाउनलोड:
- खतौनी पेज पर “Download” या “PDF” बटन दिखता है (हर संस्करण में नहीं दिखता)।
- अगर दिखे, तो उस पर क्लिक करें और PDF सेव करें।
- यदि न दिखे, तो Ctrl + P (कंप्यूटर) या ब्राउज़र मेनू में Print पर जाएं और “Save as PDF” चुन लें।
🖨️ प्रिंट:
- उसी प्रिंट डायलॉग से अपना प्रिंटर चुनें और प्रिंट करें।
⚠️ महत्वपूर्ण: ऑनलाइन मिली खतौनी अनवेरिफाइड (Unverified) है। यह सिर्फ सूचना के लिए है। बैंक लोन, रजिस्ट्री, कोर्ट केस आदि के लिए तहसील से प्रमाणित प्रति (Certified Copy) लेना अनिवार्य है।
8. आम समस्याएं और समाधान
| समस्या | कारण | समाधान |
|---|---|---|
| “No Record Found” (नाम से रिकॉर्ड नहीं मिल रहा) | नाम की स्पेलिंग गलत, या गलत गाँव/तहसील | सही जिला-तहसील-गाँव चुनें, नाम की वर्तनी चेक करें, थोड़ा छोटा नाम डालें |
| गलत व्यक्ति का रिकॉर्ड दिख रहा है | आपके नाम से मिलता-जुलता कोई और व्यक्ति है | अपना पूरा नाम पिता के नाम सहित डालें, गाँव दोबारा चेक करें |
| वेबसाइट धीमी (slow) | पीक टाइम पर अधिक लोड या आपका इंटरनेट कमजोर | कुछ देर बाद ट्राई करें, ऑफ-पीक समय (सुबह जल्दी या रात) चुनें |
| खतौनी तो दिख रही, लेकिन खतौनी नंबर नहीं दिख रहा | पेज के ऊपर या बाईं तरफ छोटा लिखा होता है | पेज को ध्यान से स्कैन करें, ”खाता/खतौनी क्र.” के आगे नंबर होगा |
| आपका नाम तो है, लेकिन खतौनी में कम जमीन दिख रही है | हो सकता है कुछ प्लॉट दूसरे खतौनी नंबर में हों | दूसरे गाँव या तहसील में भी नाम से सर्च करें |
| वेबसाइट ही नहीं खुल रही | सर्वर डाउन या गलत URL | upbhulekh.gov.in टाइप करें, बाद में ट्राई करें, दूसरा ब्राउज़र उपयोग करें |
9. खतौनी vs खसरा vs जमाबंदी (स्पष्ट फर्क)
इन तीनों शब्दों में अक्सर लोग उलझ जाते हैं। नीचे टेबल में पूरा अंतर समझें:
| शब्द (Term) | मतलब | क्या जानकारी देता है? | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| खतौनी (Khatauni) | मालिकाना हक का अकाउंट रिकॉर्ड | मालिक/मालिकों के नाम, पिता का नाम, सभी खसरा नंबर, हिस्सेदारी | खतौनी नंबर 101 में राम सिंह का 3 प्लॉट्स का डेटा |
| खसरा (Khasra) | जमीन के एक टुकड़े का नंबर | सिर्फ उस एक प्लॉट का क्षेत्रफल, प्रकार (सिंचित/असिंचित) – मालिक का नाम नहीं | खसरा 45 → 0.5 हेक्टेयर |
| जमाबंदी (Jamabandi) | पूरा राजस्व रिकॉर्ड | खसरा + खतौनी + फसल का ब्यौरा + राजस्व जानकारी (एक साल के लिए) | 2025-26 की जमाबंदी में खसरा 45, मालिक राम सिंह, फसल गेहूं |
सीधी बात: खतौनी नंबर से आपको पूरी खतौनी (जिसमें सब कुछ लिखा हो) मिलती है। खसरा नंबर से एक प्लॉट की जानकारी मिलती है। जमाबंदी साल दर साल का राजस्व रिकॉर्ड है।
10. जरूरी सावधानियां
UP Bhulekh पर खतौनी नंबर निकालते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
⚠️ 1. हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें
- सही:
upbhulekh.gov.in - गलत: upbhulekh.com, upbhulekh.org, upbhulekh.co.in (हमारी साइट केवल सूचनात्मक है)
- फर्जी साइट्स आपकी निजी जानकारी चुरा सकती हैं।
⚠️ 2. सही नाम और लोकेशन डालें
- नाम की स्पेलिंग पर 100% ध्यान दें।
- जिला, तहसील, गाँव कोई भी गलत हुआ तो रिकॉर्ड नहीं मिलेगा।
⚠️ 3. ऑनलाइन खतौनी को अंतिम न मानें
- यह अनवेरिफाइड है – सिर्फ जानकारी के लिए उपयोग करें।
- आधिकारिक/प्रमाणित कॉपी के लिए तहसील जाएं या e-District पोर्टल का उपयोग करें।
⚠️ 4. खतौनी नंबर सुरक्षित रखें
- एक बार मिल जाने के बाद उसे अपने पास लिखकर रखें या फोटो ले लें। इससे भविष्य में सीधे “खाता संख्या से” खोज कर सकेंगे।
⚠️ 5. रिकॉर्ड में गलती दिखे तो सुधार कराएं
- अगर आपके नाम में कोई गलती है, या कोई जमीन छूट गई है, तो तहसील में सुधार के लिए आवेदन करें। इसे नज़रअंदाज न करें।
11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
खतौनी नंबर क्या होता है?
खतौनी नंबर (जिसे खाता नंबर भी कहते हैं) एक यूनिक नंबर है जो एक मालिक की सभी जमीनों (खसरा नंबरों) को जोड़ता है। यह जमीन के अकाउंट की तरह होता है।
बिना खसरा नंबर के खतौनी नंबर कैसे पता करें?
UP Bhulekh पोर्टल पर “खातेदार के नाम से” खोज करें। अपना नाम डालते ही खतौनी खुल जाएगी, और ऊपर खतौनी नंबर दिख जाएगा।
क्या खतौनी नंबर और खाता नंबर एक ही हैं?
हाँ, उत्तर प्रदेश में दोनों एक ही चीज के लिए उपयोग किए जाते हैं। इसे खता संख्या या खतौनी क्र. भी कहते हैं।
अगर नाम से रिकॉर्ड नहीं मिल रहा तो क्या करूं?
सबसे पहले जिला, तहसील, गाँव दोबारा चेक करें। फिर नाम की स्पेलिंग रिकॉर्ड वाली करें (पिता का नाम सहित)। फिर भी न मिले तो गाँव के पटवारी से पूछ लें।
क्या मैं मोबाइल से खतौनी नंबर निकाल सकता हूँ?
हाँ, पूरी तरह से। upbhulekh.gov.in को मोबाइल ब्राउज़र में खोलें, और वही स्टेप्स फॉलो करें।
क्या ऑनलाइन दिख रही खतौनी कानूनी रूप से मान्य है?
नहीं। यह सिर्फ सूचनात्मक है। कानूनी कामों के लिए तहसील की प्रमाणित (certified) खतौनी लेना जरूरी है।
क्या एक व्यक्ति के कई खतौनी नंबर हो सकते हैं?
हाँ, यदि किसी व्यक्ति की जमीन अलग-अलग गाँवों या तहसीलों में है, तो हर गाँव का अलग खतौनी नंबर होता है।
क्या UP Bhulekh पर खतौनी नंबर देखना फ्री है?
हाँ। रिकॉर्ड देखना और अनवेरिफाइड कॉपी डाउनलोड करना पूरी तरह मुफ्त है।
12. निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, खतौनी नंबर (खाता नंबर) उत्तर प्रदेश में आपकी जमीन का मास्टर अकाउंट है। अगर यह नंबर आपके पास है, तो आप एक क्लिक में अपनी सारी जमीनों की जानकारी देख सकते हैं। और अगर नहीं है, तो UP Bhulekh पोर्टल पर अपने नाम से खोजकर इसे आसानी से निकाल सकते हैं।
आज ही यह छोटा सा काम करें:
| क्रम | करें क्या? |
|---|---|
| 1 | upbhulekh.gov.in पर जाएं। |
| 2 | “खतौनी की नकल देखें” पर क्लिक करें। |
| 3 | जिला → तहसील → गाँव चुनें। |
| 4 | “खातेदार के नाम से” सर्च करें। |
| 5 | अपना नाम डालें और खतौनी खोलें। |
| 6 | ऊपर खतौनी नंबर देखें और नोट करें। |
| 7 | भविष्य में इस नंबर से तुरंत रिकॉर्ड देख सकते हैं। |
और हमेशा याद रखें:
- ऑनलाइन कॉपी सिर्फ जानकारी है।
- कानूनी जरूरतों के लिए तहसील की प्रमाणित कॉपी जरूर लें।
- कभी भी फर्जी वेबसाइट पर अपना नाम या खसरा नंबर न डालें। केवल upbhulekh.gov.in।
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